24 जून 1982 को ‘मैं मर्सले (फ्रांस का एक शहर ) से, पेरिस पहुंचा वहां की अद्वितीय उन्नति चारों तरफ खुशहाली को देखकर मैं हद्प्रभ रह गया वहां का विकास वास्तव में तारीफ करने के काबिल था चौड़ी चौड़ी साफ सुथरी सड़के अच्छा बाजार और गुणवत्ता की कसौटी में खरा उतरने वाला सामान। मैंने अपने वर्क्स मैनेजर मि0 मिनियों से इस तरक्की का राज बताने को कहा तो उन्होंने उनका श्रेय वहां की शिक्षा प्रणाली को दिया जो कि रोजगार परक थी बस मेरे दिमाग में विचार कौंधा क्या ये शिक्षा प्रणाली भारत देश में नहीं हो सकती। लौट कर मैने अपने गुरुजनों इस्ट मित्रों से इस सन्दर्भ में गहन विचार विमर्ष किया। सबने इन विचारों को सराहा तो इस पर व्यय होने वाली विशाल धनराशी को देखकर हिम्मत हारने लगे, कुछ नेता ओर व्यापारी इसमें व्यवसायिक दृष्टि कोण से लाभ देखते धनराशी आगे और सहयोग करने को तैयार हो गये । पर मैं इसे राजनीति से दूर रख कर विशुद्ध स्वयंसेवी देशभक्त संस्था के रूप् निर्मित करना चाहता था।
15 वर्षों के बाद देशभक्त भारतीय नागरिकों के सहयोग से यह सपना पूरा होने जा रहा है। भारत माता बहुद्देशीय शिक्षण के रूप में जिसमें देश के नौनिहालों का सर्वागींण विकास खेलकूद, सैनिक शिक्षा व्यवसायिक ज्ञान के साथ-साथ नौकरी या व्यवसाय की भी व्यवस्था होगी। आप लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हुये।
जय हिन्द
संस्थापक - भारत माता बहुद्देशीय शिक्षण संस्थान, भारत
Bharatmata Bahuddesheeye Shikshan Sansthan is a multidimensional education centre in every state of India. We proposed to offer thatSchools will be residential with all medical facilities and higher education (i.e. professional degrees ) will be free of cost and there will be 100% JOB GUARANTEE.
Introducing Swami Upamannu
बी.एम.बी.एस.एस. की सभी गतिविधियों पकृति के संरक्षण में सहायक हैं । प्राप्त लाभ से छात्रों की उच्च शिक्ष की व्यवस्था की जाएगी, ताकि अपने उपलब्धियों से देश के विकास में सहायक बनें और संस्था का नाम रोशन करने में अपना योगदान प्रदान करें । इस इण्डस्ट्री के माध्यम से संस्था की आवश्यकता से तीन गुना अधिक उत्पादन किया जाएगा, इस इण्डस्ट्री के माध्यम से संस्था की आवश्यकता से तीन गुना अधिक उत्पादन किया जाएगा, जिससे व्यय होने वाली राशि का प्रबन्ध किया जाएगा । ग्लोबल वार्मिंग दुनियाँ के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन कर उभरी है । और बी.एम.बी.एस.एस. की सभी गतिविधियों पकृति के संरक्षण में सहायक हैं । इसलिए ‘‘भारत माता बहुद्देशीय शिक्षण संस्थान’’ न सिर्फ हमारे देश और समाज को सशक्त बनाने की एक संपूर्ण विचारधारा है बल्कि विश्व को ग्लोबल वार्मिगं जैसे दानव से बचाने का एक सार्थक प्रयास होगा ।
विद्यालय के साथ खेती की व्यवस्था होगी जिसमें विद्यालय में वर्षभर प्रयोग के लिए खाद्य सामग्री, गेहूं, दाल, चावल, मसाले, फल इत्यादिद्ध जितनी आवश्यकता है उससे दो गुने उत्पादन का लक्ष्य लेकर खेतों की खरीदारी करके उसमें आधुनिक तथा रासायनिक खादों से रहित खेती कराई जाएगी। जिसके परिणाम स्वरूप संस्था को निम्नलिखित लाभों की प्राप्ति होगी। और पूर्णतः शुस्वच्छ एवं सस्ती खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी।
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“To emerge as the best choice in education with a deep-rooted value system.” Our school and colleges only provides degree whereas knowledge remains
Our mission is to provide a caring, healthy and challenging environment to nurture the inherent potential and talent of each child, creating lifelong learners
When: 14 May 2011
Where:Bharatmata Bahuddesheeye Shikshan Sansthan India